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गोलियां चलाने औऱ स्कूल को बम से उड़ाने के मैसेज फैलाने में शामिल थे तीन छात्र

गोलियां चलाने औऱ स्कूल को बम से उड़ाने के मैसेज फैलाने में शामिल थे तीन छात्र

 

 

– नाबालिग होने के कारण नहीं किए अरेस्ट

 

 

शिक्षा फोकस, अमृतसर। पंजाब के अमृतसर में डीएवी स्कूल को बम से उड़ाने की धमकी दी गई। इस पर अमृतसर पुलिस ने स्कूल के बाहर सुरक्षा प्रबंध कड़े कर दिए। रात ही पुलिस के साइबर सेल ने वायरल हुए मैसेज की जांच शुरू कर दी और तीन घंटे में पुलिस ने मामले को ट्रेस कर दिया। यह अफवाह स्कूल के ही स्टूडेंट्स ने फैलाई।

पुलिस का कहना है कि नाबालिग होने के नाते बच्चों को अरेस्ट नहीं किया जा सकता, लेकिन कानून के अनुसार कार्रवाई होगी। पुलिस ने अभी तक स्कूल को बच्चों के बारे में जानकारी नहीं दी है। स्कूल प्रिंसिपल पल्लवी सेठी का कहना है कि अगर स्टूडेंट्स उनके स्कूल के हुए तो वे भी कार्रवाई करेंगे।

यह धमकी अमृतसर शहर के नामी डीएवी पब्लिक स्कूल को दी गई थी। जानकारी के अनुसार इंस्टाग्राम पर एक मैसेज वायरल हुआ, जिसमें स्कूल में 8 सितंबर को गोलियां चलाने की धमकी दी गई। इसके साथ ही एक और मैसेज व्हाट्सएप पर शेयर किया गया, जिसमें 8 सितंबर को स्कूल को बम से उड़ाने की धमकी दी गई है।

इतना ही नहीं, मैसेज के नीचे पाकिस्तान का झंडा भी लगाया गया। यह मैसेज जहां अंग्रेजी में वायरल किया गया वहीं उर्दू में भी इसे वायरल किया गया। मैसेज के स्कूल ग्रुपों में वायरल हो जाने के बाद शहर में दहशत का माहौल बन गया।

साइबर सेल ने सुलझाया मामला

धमकी मिलने के बाद से ही अमृतसर पुलिस का साइबर सेल एक्टिव हो गया। साइबर सेल इस मैसेज के ओरिजन और इसको वायरल करने वाले को ढूंढने में जुट गई। दो घंटे में छेहर्टा का IP एड्रेस ट्रेस किया गया। यह स्कूल में नवमीं के एक स्टूडेंट का था, जो छेहर्टा में रहता है।

पुलिस ने रात रेड की

घटना की जानकारी मिलने के बाद से ही अमृतसर में पुलिस को अलर्ट कर दिया गया है। पुलिस ने तुरंत स्कूल के बाहर ब्लैक कमांडो और बख्तरबंद गाड़ी को सुरक्षा के लिए लगा दिया गया। इतना ही नहीं, रात भर अमृतसर व सिविल लाइन थाने की पुलिस ने साइबर सेल से मिलने वाली इनपुट्स के आधार पर रेड की। तीन स्टूडेंट्स को डिटेन किया गया।

नाबालिग होने के कारण नहीं किया अरेस्ट

एडीसीपी प्रभजोत सिंह विर्क ने बताया कि रात तीन स्टूडेंट्स को डिटेन किया गया। सभी नवमी के स्टूडेंट्स थे। शरारत में तीनों ने प्लान बनाया और पैनिक क्रिएट करने के लिए मैसेज डाल दिए। उर्दू के लिए ट्रांसलेटर का प्रयोग किया गया। जुवेनाइल होने के कारण किसी को अरेस्ट नहीं किया गया है, लेकिन पुलिस नियमों अनुसार कार्रवाई करेगा।

प्रिंसिपल ने कहा – पुलिस ने सिर्फ बताया यह अफवाह थी

प्रिंसिपल सेठी ने बताया कि रात 1 बजे पर पुलिस प्रशासन हरकत में रहा। विधायक कुंवर विजय प्रताप सिंह ने रात ही पूरे स्कूल में बम निरोधक दस्ते व स्निफर डॉग्स के साथ चैकिंग करवा दी थी। रात 1 बजे साफ हो गया कि यह अफवाह थी। पुलिस ने अभी तक यह जानकारी उनके साथ सांझा नहीं की है कि यह अफवाह किसने फैलाई।

प्रिंसिपल सेठी का कहना है कि अगर आरोपी उनके स्कूल के स्टूडेंट्स निकलते हैं तो पुलिस प्रशासन से अलग डीएवी प्रशासन भी उन पर कार्रवाई करेगा। लेकिन उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके स्कूल के स्टूडेंट्स शरारती हो सकते हैं, लेकिन शातिर अपराधी नहीं।

पेरेंट्स ने कहा- हमें प्रशासन पर विश्वास

अफवाह के बाद स्कूल में बच्चों की गिनती काफी कम रही। लेकिन सुबह जैसे ही अफवाह के पता चला, पेरेंट्स बच्चों को लेकर स्कूल पहुंचे। लेकिन स्कूल वैन आज बच्चों को लेकर स्कूल नहीं पहुंची। स्कूल बच्चों को छोड़ने पहुंचे पेरेंट्स ने कहा कि रात चिंता हुई थी, लेकिन उन्हें स्कूल व जिला प्रशासन पर विश्वास है। वहीं स्टूडेंट्स ने भी कहा कि उन्हें अपने स्कूल पर विश्वास है।

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