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अध्यापकों ने किया डीपीआई दफ्तर “बंद”

अध्यापकों ने किया डीपीआई दफ्तर “बंद”

अध्यापकों ने किया डीपीआई दफ्तर "बंद"

– डीटीएफ के नेतृत्व में अध्यापकों ने जमकर लगाए डीपीआई मुर्दाबाद के नारे

 

शिक्षा फोकस, मोहाली।

लंबे समय से अपनी मांगों के लिए धरने व प्रदर्शन कर रहे अध्यापकों ने आज डीपीआई दफ्तर पर धावा बोल दिया। एक्शन में आई डेमोक्रेटिक टीचरज़ फ्रंट (डीटीएफ) पंजाब ने अपने गुप्त एक्शन के दौरान सुबह डीपीआई दफ्तर खुलते हुए वहां नारेबाजी करते हुए दफ्तर को “बंद” कर दिया। इस दौरान बाबुओं को बाहर आना व अंदर जाना पूरी तर बंद हो गया। अध्यापकों का कहना था कि कच्चे अध्यापकों को पक्का किया जाए तथा अध्यापकों की लंबित मांगों को पूरा किया जाए।

अध्यापकों का कहना था कि वह शांति के साथ बात करने के लिए तैयार हैं लेकिन सरकार के ईशारे पर अफसरशाही उनसे बात करने के लिए तैयार नहीं है। मजबूरन उन्हें इस संघर्ष का रास्ता अपनाना पड़ा है।

इस दौरान डीटीएफ के नेता हरदीप सिंह टोडरपुर, हरिन्दर सिंह तथा मैडम नवदीप शर्मा ने विभाग पर अध्यापकों के रैगुलर आर्डर रोकने के आऱोप लगाए हैं। इसी कारण ही आज का घेराव किया गया है। उन्होंने कहा कि विभाग ने एक्शन करने के लिए उन्हें मजबूर किया है।

अध्यापकों ने किया डीपीआई दफ्तर "बंद"

टोडरपुर ने बताया कि विभाग ने 8886 अध्यापकों में से 8884 अध्यापकों को नियुक्ति पत्र सौंप दिए हैं। लेकिन दो अध्यापकों के आर्डर रोके गए हैं। पूर्व शिक्षा सचिव कृष्ण कुमार ने पक्षपात करते हुए दो अध्यापकों के आर्डर रोक दिए थे। आप के पूर्व शिक्षा मंत्री ने भी मीटिंग के दौरान उन्हें आर्डर देने का आश्वासन दिया था कि 30 जून तक दोनों अध्यापकों के रैगुलर आर्र जारी कर दिए जाएंगे, जिसे अभी तक पूरा नहीं किया गया।

संघर्ष करने से पहले डीटीएफ ने डीपीआई सेकेंडरी को आर्डर करने के लिए एक सप्ताह का समय दिया था लेकिन वह समय भी निकल गया, इसलिए मजबूरन उन्हें इस संघर्ष का रास्ता अपनाना पड़ा।

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