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दूसरी भाषाएं लागू करने के लिए हिन्दी की बलि नहीं लेने दी जाएगी

दूसरी भाषाएं लागू करने के लिए हिन्दी की बलि नहीं लेने दी जाएगी

 

 

 

-फ्रेंच, जर्मनी, उर्दू भाषा को लागू करने के साथ हिंदी विषय पहले की तरह जारी रहे – हिंदी शिक्षक संघ पंजाब

 

 

 

शिक्षा फोकस, लुधियाना। पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड ने अकादमिक साल 2022-23 ओपन स्कूल प्रणाली के तहत कक्षा 10वीं और बारहवीं के कोर्स में कुछ नए विशेष शामिल किए हैं। इन नए कोर्स के तहत दसवीं कक्षा के लिए ओपन स्कूल में फ़्रेंच, जर्मनी भाषा के साथ उर्दू हिंदी विषय के बदले में रखने का फैसला लिया गया है। सरकार के इस फैसले का हिंदी शिक्षक संघ ने विरोध किया है। उन्होंने कहा है कि सरकार को किसी भी कीमत पर हिन्दी की बलि नहीं लेने दी जाएगी।

संघ पंजाब के महासचिव मनोज कुमार ने बोर्ड से मांग की है कि फ्रेंच, जर्मनी, उर्दू भाषा को लागू करने के हिंदी की बलि न ली जाए। बोर्ड को अपने इस फैसले पर पुनः विचार करना चाहिए। हम लोग बोर्ड के नये विषयों का स्वागत करते हैं लेकिन हिंदी का बलिदान देकर नहीं।

उन्होंने कहा कि बोर्ड नये विषय शामिल कर ले लेकिन हिंदी विषय भी समाप्त न किया जाए। सरकार के इस फैसले के लिए हिंदी शिक्षक संघ ने एक बैठक कर अपनी रणनीति तैयार की। इस बैठक के दौरान संघ के कोषाध्यक्ष महेंद्र कुमार, कार्यकारिणी सदस्य प्रीतम चंद, संध्या कुमारी, रोजी दुग्गल, मनीष कपूर, संगीता, रजनी कुमारी, सीमा, रीटा रानी, आशा रानी ने भाग लिया। सभी ने बोर्ड से इस फैसले पर पुनर्विचार करने की मांग की।

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